भगवान श्रीराम

धर्म, सत्य, करुणा और आदर्श नेतृत्व के प्रतीक।

अयोध्या रामराज्य सत्य और मर्यादा श्रीराम नाम

मुख्य शिक्षाएं

  • व्यक्तिगत सुख से ऊपर धर्म
  • अनुशासन के साथ करुणा
  • सेवा से नेतृत्व
  • सभी प्राणियों का सम्मान

प्रसिद्ध मंत्र

श्री राम जय राम जय जय राम

मन की शांति, स्थिरता और भक्ति के लिए जप करें।

राम नवमी का भाव

रामायण पाठ, सत्संग, सेवा और सत्य के भाव से उत्सव मनाएं।

दिव्य स्वरूप

  • भगवान विष्णु के सातवें अवतार
  • अयोध्या में माता कौशल्या और राजा दशरथ के पुत्र
  • माता सीता के प्रिय पति
  • लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के भ्राता

रामायण यात्रा (मुख्य प्रसंग)

  • गुरु वशिष्ठ के सान्निध्य में शिक्षा
  • सीता स्वयंवर और शिव धनुष भंजन
  • सीता और लक्ष्मण सहित 14 वर्ष का वनवास
  • रावण पर विजय और अयोध्या वापसी (दीपोत्सव)

श्रीराम के प्रतीक

  • धनुष-बाण: धर्म की रक्षा
  • पादुका: विनम्रता और कर्तव्य
  • तिलक और कमल-नेत्र: पवित्र संकल्प
  • रामराज्य: न्याय, कल्याण और समरसता

राम भक्ति का अभ्यास

  • प्रतिदिन रामचरितमानस का एक दोहा/चौपाई पढ़ें
  • सुबह-शाम \"राम नाम\" का जप करें
  • माता-पिता, बड़ों और समाज की सेवा करें
  • वचन और कर्म में सत्य का पालन करें

लोकप्रिय जयकारा

जय श्री राम

यह आस्था, साहस और धर्म का जयघोष है जो भक्तों को एकता में बांधता है।

दैनिक राम साधना क्रम

  1. प्रातः स्नान के बाद \"जय श्री राम\" का 108 बार जप
  2. रामचरितमानस से एक दोहा या चौपाई का पाठ
  3. एक सत्कर्म: सेवा, दान या विनम्र व्यवहार

आदर्श जीवन के 4 सूत्र

  • धैर्य में शक्ति
  • वचन में सत्य
  • नेतृत्व में सेवा
  • परिवार में सम्मान