हनुमान जी के गुण
- श्रीराम के प्रति अटल भक्ति
- विनम्रता के साथ निर्भीक कर्म
- निस्वार्थ सेवा का आदर्श
- बुद्धि के साथ बल
भक्ति, बल, साहस और सेवा के दिव्य स्वरूप।
ॐ हनुमते नमः
साहस, सुरक्षा और दृढ़ संकल्प के लिए जप करें।
सिंदूर, चमेली तेल अर्पित करें और श्रद्धा से हनुमान चालीसा पढ़ें।
बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार
प्रार्थना और अध्ययन से पहले शक्ति, बुद्धि और एकाग्रता के लिए पढ़ी जाती है।